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इन पांच आसन को करने से आंत की समसà¥à¤¯à¤¾ रहेंगे दूर-
1. अरà¥à¤§à¤®à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤‚दà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि और फायदे जानें
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताते हैं कि पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ को अचà¥à¤›à¤¾ करने के लिठअरà¥à¤§à¤®à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤¨à¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ बेहतर मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ होती है। इस आसन को करने से पेट के अंगों और आंतों की मालिश होती है। इस आसन से शरीर की पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ मजबूत होती है। यकृत और अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है। आंतों की बीमारी इससे नहीं होती है।
कैसे करें अरà¥à¤§à¤®à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¯à¥‡à¤‚दà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨
सबसे पहले मैट पर दंडासन की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बैठजाà¤à¤‚
रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को सीधा रखते हà¥à¤ बाà¤à¤‚ पैर को मोड़ लें और दाà¤à¤‚ पैर के घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को ऊपर कर लें
अब बाà¤à¤‚ पैर को जमीन पर रख दें
दाà¤à¤‚ हाथ को बाà¤à¤‚ पैर के ऊपर लाà¤à¤‚ और बाà¤à¤‚ पैर के अंगूठे को पकड़ लें
इसके बाद आप सांस को धीरे-धीरे छोड़ें
सांस को छोड़ते समय बॉडी को जितना हो सके उतना मोड़ लें
इस योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को अब दूसरे ओर से करें, तब इस योगासन का à¤à¤• चकà¥à¤° होगा
2. आनंद बालासन है इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ के लिठफायेमंद
योग पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• बताते हैं कि चाइलà¥à¤¡ पोज के कारण इसे आनंद बालासन योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कहते हैं। इससे तनाव कम होता है और दिमाग शांत रहता है। यह मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ लसीका पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚, जांघों के लिठफायदेमंद होती है। इससे पाचन शकà¥à¤¤à¤¿ à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ रहती है।
आनंद बालासन को करने की विधि जानें
सबसे पहले फरà¥à¤¶ पर दोनों को पैर को पीछे करके वजà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ की मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में बैठें
दोनों हाथ को जमीन को पर रखने और माथे को फरà¥à¤¶ पर सटाने के लिठशरीर को आगे की तरफ à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚
इस योग अवसà¥à¤¥à¤¾ में कम से à¤à¤• मिनट से पांच मिनट तक रहें
फिर सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में वापस हो जाà¤à¤‚
3. सेतà¥à¤¬à¤‚धासन से गैस होगा छूमंतर, जानें फायदे
योग पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• बताते हैं कि इस आसन को करने से आपके पेट का गैस बाहर निकलेगा। पाचन में सà¥à¤§à¤¾à¤° आà¤à¤—ा। पेट की मांसपेशियां इससे मजबूत होती है। आंत के रोगों से यह बचाता है। पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करता है।
सेतà¥à¤¬à¤‚धासन करने की विधि जानें
इस योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ को करने के लिठसबसे पहले सीधे लेट जाà¤à¤‚
इसके बाद टखनों को दोनों हाथों से पकड़ लें, धीरे-धीरे कमर को ऊपर की तरफ उठाà¤à¤‚
सिर को जमीन पर ही जमाठरखें, ठà¥à¤¡à¥à¤¡à¥€ को गरà¥à¤¦à¤¨ की तरफ हलà¥à¤•ा à¤à¥à¤•ा कर रखें
इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में कम से कम à¤à¤• मिनट तक रहें
इसके बाद सामानà¥à¤¯ अवसà¥à¤¥à¤¾ में आ जाà¤à¤‚
4. परिघासन से आंत होती है मजबूत
इस आसन को करने से आंत मजबूत रहती है। इसके साथ पाचन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं आती है। गैस और कबà¥à¤œ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिलता है। इसलिठलोगों को योग पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• की सलाह लेकर इस आसन को दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में शामिल करना चाहिà¤à¥¤
>कैसे करें परिघासन, जानें पूरी विधि
इस आसन को करने से पहले घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के बल बैठजाà¤à¤‚
इस दौरान घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के बीच दूरी बनाà¤à¤‚ रखें
>पैर को दाà¤à¤‚ तरफ फैलाà¤à¤‚ और पैर के पंजे को उसी दिशा में रखकर अंगà¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जमीन पर रख लें
इसके बाद सिर को बाà¤à¤‚ ओर धीरे-धीरे à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚
इस योगावसà¥à¤¥à¤¾ में 10 मिनट तक रहें, इसके बाद इसे दूसरी ओर से दोहराà¤à¤‚
5. पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने से गैस और कबà¥à¤œ से मिलता है राहत
इस आसन को करने के दौराम शरीर आगे की ओर à¤à¥à¤•ता है, इससे कबà¥à¤œ और गैस से शरीर को राहत मिलती है। इससे शरीर की चरà¥à¤¬à¥€ कम होती है। इसके साथ वेट लॉस à¤à¥€ होता है। यह आसन दो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ को मिलाकर बना है -‘पशà¥à¤šà¤¿à¤®â€™ का अरà¥à¤¥ होता है पीछे और ‘उतà¥à¤¤à¤¾à¤‚न’ का अरà¥à¤¥ होता है तानना। इस आसन के दौरान रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ के साथ शरीर का पिछला à¤à¤¾à¤— तन जाता है जिसके कारण इसका नाम पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ दिया है।
पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने की विधि जानें
इस आसन को करने के लिठजमीन पर दोनों पैरों को à¤à¤•दम सीधे फैलाकर बैठजाà¤à¤‚
अब दोनों पैरों के बीच में दूरी न हो और पैर को सीधा रखें
गरà¥à¤¦à¤¨, सिर और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को à¤à¥€ सीधा रखें
इसके बाद अपनी दोनों हथेलियों को दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ पर रखें
अब सिर और धड़ को धीरे से आगे की ओर à¤à¥à¤•ाà¤à¤‚ और अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को बिना मोड़े हाथ से पैरों की अंगलियों को छूने की कोशिश करें
इसके बाद गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छोड़ें
सिर और माथे को दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ से छूने की कोशिश करें
इसे लगà¤à¤— à¤à¤• मिनट तक करें
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